April 11, 2026

आर्टेमिस-2: सूर्य ग्रहण के प्रकाश में खुला चंद्रमा का संसार, अर्थसेट की झलक ने पृथ्वी के बदलते रूप को दिखाया

आर्टेमिस 2 के अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से दुर्लभ सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य देखा, जब चंद्रमा ने सूर्य को ढक लिया और उसकी चमकती कोरोना नजर आई। चंद्रमा के ‘टर्मिनेटर’ क्षेत्र में बदलती रोशनी ने गड्ढों और पहाड़ों के रूप को हर पल बदलते दिखाया। साथ ही पृथ्वी की झलक ने वैज्ञानिकों को नई समझ और अनोखा दृष्टिकोण दिया।

अंतरिक्ष की नीरवता में जब चंद्रमा ने सूर्य को ढक लिया और उसकी धुंधली चमकती कोरोना यानी सूर्य की बाहरी फैलावदार परत अंतरिक्ष में फैल गई, तब आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्रियों ने एक ऐसा दृश्य देखा जिसे शब्दों में बांधना मुश्किल है। इसी अद्भुत क्षण के साथ चंद्रमा के टर्मिनेटर यानी उजाले और अंधेरे के बीच की बदलती रेखा ने सतह के रहस्यों को जीवंत कर दिया। इस ऐतिहासिक यात्रा में जहां एक ओर इन दुर्लभ खगोलीय घटनाओं ने वैज्ञानिकों को नई समझ दी, वहीं अर्थसेट की झलक ने अंतरिक्ष से पृथ्वी के बदलते रूप को भी एक नई दृष्टि से दिखाया।

नासा के अनुसार मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण का अवलोकन किया, जिसमें चंद्रमा के पीछे से सूर्य की बाहरी परत कोरोना चमकती दिखाई दी। अंतरिक्ष से देखा गया यह दृश्य अत्यंत असाधारण था। आर्टेमिस-2 के 4 अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा का वह दूरस्थ हिस्सा देखा जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखता। यहां इंटीग्रिटी अंतरिक्ष यान से चारों ओर 6 घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरी गई।

चंद्र सतह के गड्ढे और पहाड़ों ने हर क्षण बदले अपने रूप
‘टर्मिनेटर’ चंद्रमा के उजाले और अंधेरे हिस्सों को अलग करने वाली रेखा ने वैज्ञानिकों का विशेष ध्यान खींचा। इस क्षेत्र में सूर्य की बदलती रोशनी के कारण चंद्र सतह के गड्ढे और पहाड़ हर क्षण अपना रूप बदलते दिखाई देते हैं।

रिकॉर्ड दूरी और नई ऐतिहासिक उपलब्धियां
इस मिशन ने मानव अंतरिक्ष यात्रा का नया रिकॉर्ड बनाया। इंटीग्रिटी पृथ्वी से 2,52,756 मील दूर पहुंचा जो 1970 के अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड से अधिक है। अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

अपोलो-मिशन के पायलट लोवेल के संदेश से शुरुआत
मिशन की शुरुआत एक भावनात्मक क्षण से हुई, जब अंतरिक्ष यात्रियों को अपोलो-8 मिशन के पायलट जिम लोवेल का पूर्व-रिकॉर्डेड संदेश सुनाया गया। 1968 में चंद्रमा की पहली मानव उड़ान का हिस्सा रहे लोवेल ने कहा, मेरे पुराने इलाके में आपका स्वागत है, इस दृश्य का आनंद लेना मत भूलिए। आर्टेमिस-2 मिशन ने यह साबित कर दिया है कि अंतरिक्ष अब केवल दूर से देखने की चीज नहीं है।

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