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July 28, 2026

Champawat: खेल गतिविधियों के दौरान गले में भाला लगने से पॉलिटेक्निक छात्र की मौत, परिवार में मचा कोहराम

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां खेल गतिविधियों के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 18 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्र की जान चली गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

मृतक छात्र की पहचान सोमेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो स्थानीय पॉलिटेक्निक संस्थान में अध्ययनरत था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मैदान में नियमित खेल गतिविधियां चल रही थीं। छात्र अपने साथियों के साथ अभ्यास कर रहे थे, तभी अचानक एक साथी खिलाड़ी द्वारा फेंका गया भाला अनियंत्रित होकर सीधे सोमेंद्र के गले में जा लगा। यह घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।

घटना के तुरंत बाद घायल सोमेंद्र को उसके साथी और अन्य मौजूद लोग गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गले में गहरी चोट लगने के कारण अधिक रक्तस्राव हुआ था और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।

इस दुखद घटना के बाद सोमेंद्र के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। आसपास के लोग और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इस असमय हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

यह हादसा खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाला फेंक जैसे खेलों में विशेष सावधानी और प्रशिक्षित निगरानी की आवश्यकता होती है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है।

स्थानीय प्रशासन को भी इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही, खिलाड़ियों को भी नियमों और सावधानियों के प्रति जागरूक करना जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

कुल मिलाकर, चंपावत की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि खेलों में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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