जिला से केंद्र पोषित योजनाओं तक,बीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत सीडीओ ने की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा

 

*80 प्रतिशत से कम खर्च करने वाले विभागों पर सीडीओ सख्त, संबंधित विभागों को तेजी लाने के निर्देश*

*सीडीओ के सख्त निर्देशः तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरे हो विकास कार्य,*

*कटापत्थर और कार्लीगाढ़ बनेंगे आदर्श ग्राम, विभागों को समन्वित कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश*

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं सहित बीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों द्वारा किए गए व्यय एवं कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करते हुए अवमुक्त धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देतके हुए कहा कि कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराए जा रहे कार्यों में केवल धनराशि हस्तांतरित कर औपचारिकता पूर्ण न की जाए, बल्कि विभाग स्वयं कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन करें तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला योजना के अंतर्गत जिन विभागों द्वारा किसी कारणवश अवमुक्त धनराशि का व्यय नहीं किया जा पा रहा है, वे तत्काल धनराशि का समर्पण करें, जिससे आवश्यकता अनुसार अन्य विभागों को पुनः आवंटन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण न करने वाले विभागों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिला योजना के अंतर्गत 80 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले विभाग एलोपैथिक, लघु उद्योग, वन, लोक निर्माण विभाग, भेषज, उरेडा, उद्यान, रेशम, पर्यटन एवं लघु सिंचाई को निर्देश दिए गए कि विभागीय कार्यों में तीव्रता लाते हुए शत-प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं में भी प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूर्ण कर विभागीय प्रगति को ‘ए’ श्रेणी में लाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विभागों की प्रगति विगत माह की तुलना में कम हुई है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में दो ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाना है, जिनमें विकासखंड विकासनगर के अंतर्गत कटापत्थर तथा रायपुर विकासखंड अंतर्गत कार्लीगढ़ का चयन किया गया है। चयनित ग्रामों को शत-प्रतिशत आच्छादित किए जाने हेतु सभी संबंधित विभागों को समन्वित विभागीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी ने जानकारी दी कि जिला योजना के अंतर्गत कुल ₹9948.10 लाख के सापेक्ष अब तक 79.81 प्रतिशत व्यय किया जा चुका है। राज्य सेक्टर में 77.61 प्रतिशत तथा केंद्र पोषित योजनाओं में 91.33 प्रतिशत व्यय की प्रगति दर्ज की गई है।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमके शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह पंवार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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