March 18, 2026

नवरात्र से पहले कुट्टू के आटे की बिक्री पर दून में एडवाइजरी जारी, पैकिंग की तिथि, निर्माता का पूरा पता और खाद्य लाइसेंस नंबर अंकित करना अनिवार्य

ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन नवरात्र से पहले ही अलर्ट

नवरात्र में उपवास करने वाले लोग कुट्टू के आटे से बने पकवानों को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन पिछले वर्ष चैत्र नवरात्र के दौरान देहरादून और हरिद्वार में कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए थे।

ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन नवरात्र से पहले ही अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने कुट्टू के आटे की बिक्री और गुणवत्ता को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत कुट्टू का आटा केवल सीलबंद पैकेट में ही बेचा जाएगा।

प्रत्येक पैकेट पर पैकिंग की अवसान तिथि, निर्माता या रिपैकर का पूरा पता और खाद्य लाइसेंस नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस आटा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसी क्रम में शुक्रवार को आढ़त बाजार में प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और कारोबारियों के साथ बैठक कर कुट्टू के आटे के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। कहा कि कुट्टू आटे के निर्माता और वितरक अच्छी गुणवत्ता वाली कुट्टू गिरी का उपयोग करें। एक ही समय में अत्यधिक मात्रा में कुट्टू आटा तैयार न किया जाए।

फुटकर विक्रेताओं को भी पैकेट पर अंकित जानकारी की जांच कर ही आटा बेचने, बिल के साथ खरीद-फरोख्त करने तथा एक्सपायरी, कीड़ा लगा या फंगस युक्त कुट्टू आटा न बेचने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि कुट्टू का आटा खरीदते समय पैकेट पर बैच नंबर, खाद्य लाइसेंस नंबर, उत्पादन तिथि और एक्सपायरी तिथि अवश्य जांच लें।

पैक्ड कुट्टू आटे को प्राथमिकता दें और कुट्टू के आटे से बने व्यंजनों का सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

बैठक में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम रमेश सिंह, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति के अध्यक्ष राज कुमार दीवान, राजेंद्र गोयल, विनोद गुप्ता, राकेश अरोड़ा, वैभव मित्तल, विशाल गर्ग, सुरेश कुमार और ओम प्रकाश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

पांच कारोबारियों के खिलाफ वाद दायर

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बिना लाइसेंस और अस्वच्छ परिस्थितियों में चिकन व मटन बेचने वाले चार कारोबारियों के खिलाफ वाद दायर किया है।

इसके अलावा अधोमानक हल्दी पाउडर (विक्टर) के निर्माण और बिक्री के मामले में एक कारोबारी के विरुद्ध भी वाद दायर किया गया है।

सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने कहा कि एफडीए आयुक्त सचिन कुर्वे और जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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