वाराही धाम के नव-निर्माण कार्यों का शुभारम्भ होना सभी के लिए सौभाग्य का क्षण- मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने वाराही धाम, देवीधुरा में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित
मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है- धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वाराही धाम, देवीधुरा (चंपावत) में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराही धाम के नव-निर्माण कार्यों का शुभारम्भ होना सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है।
उन्होंने कहा कि मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। यहां आयोजित होने वाला बग्वाल मेला वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है, जिसे राज्य सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के नव-निर्माण से इसे और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप मिलेगा और यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण व पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह देवभूमि देवताओं की भूमि है और सरकार इसकी आध्यात्मिक विरासत को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर, मां रणकोची मंदिर और मां पूर्णागिरी मंदिर के पुनर्विकास कार्य भी प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया है, जबकि लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेल और शिक्षा के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोहाघाट के छमनिया में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक और लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है।
सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग का सुधार कार्य भी तेजी से चल रहा है। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण और देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर गोविंद सामंत, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे
