April 11, 2026

Uttarakhand: चुनावी मोर्चे पर अकेले पड़ गए कांग्रेस के कमांडर, नेताओं की खींचतान से घमासान, बनना पड़ रहा ढाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को अपने ही नेताओं की खींचतान से उपजे से घमासान को रोकने के लिए ढाल बनना पड़ रहा है। कांग्रेस ने 2027 के चुनाव में बड़ी उम्मीदें लगाई हैं लेकिन इस उम्मीद को हकीकत में बदलने के लिए पार्टी नेताओं में एकजुटता के बजाय गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है।

चुनावी मोर्चे पर कांग्रेस के कमांडर अकेले पड़ गए हैं। भाजपा के प्रहार का जवाब देने के बजाय प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को अपने ही नेताओं की खींचतान से उपजे से घमासान को रोकने के लिए ढाल बनना पड़ रहा है। दो माह से प्रदेश कार्यकारिणी पर मंथन चल रहा है लेकिन अभी तक हाईकमान निर्णय नहीं ले पाया।

सत्ता का सूखा खत्म करने के लिए कांग्रेस ने 2027 के चुनाव में बड़ी उम्मीदें लगाई हैं लेकिन इस उम्मीद को हकीकत में बदलने के लिए पार्टी नेताओं में एकजुटता के बजाय गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। पार्टी के कुछ नेता हरीश रावत के समर्थन में नजर आ रहे हैं तो वहीं कुछ नेता पुराने मतभेदों पर एक-दूसरे के खिलाफ खुल कर बयानबाजी कर रहे हैं।

ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को पार्टी में गुटबाजी से असहज होना पड़ रहा है। नवंबर 2025 में कांग्रेस हाईकमान ने गोदियाल को कमान सौंपी दी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नए जोश दिखाई दिया। लेकिन अभी तक गोदियाल अपनी टीम तैयार नहीं कर पाए। पार्टी नेताओं की आपसी खींचतान व गुटबाजी भी इसकी वजह मानी जा रही है। सभी वरिष्ठ नेता अपने समर्थकों को कार्यकारिणी में जगह दिलाने में कोशिश में है लेकिन हाईकमान नहीं चाहता है जंबो कार्यकारिणी बने। इसी पेच में कार्यकारिणी में अटकी हुई है।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि पार्टी के सभी नेताओं को निर्देश दिए कि एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान न दें। कोई भी बात है तो उसे पार्टी फोरम में रखा जाए। बयानबाजी से पार्टी की छवि खराब होती है। इस समय सभी नेताओं को मतभेदों को भुलाकर कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी।

About The Author

Spread the love