April 11, 2026

Uttarakhand: सीएम धामी ने की यूआईआईडीबी की बैठक, कहा- तय की जाए परियोजनाएं पूरी करने की समय सीमा

निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक में मुख्यमंत्री ने अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार गंगा, शारदा रिवरफ्रंट व ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा तय की जाए। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बुधवार को उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक में मुख्यमंत्री ने अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना व आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।

परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में आ रहीं जटिलताओं को दूर किया जाए, जिससे परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकें। आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं के तहत कार्यों की वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना की समयसीमा तय की जाए। बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ.पंकज कुमार पांडेय, विनय शंकर पांडेय, डॉ. आर राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ.पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव अजय मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा शारदा कॉरिडोर योजना के कार्यों में तेजी लाएं। इनके लिए भूमि की उपलब्धता के साथ इस क्षेत्र की भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशीलता का भी अध्ययन कर सुरक्षात्मक उपायों पर प्राथमिकता पर ध्यान दिया जाए। शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट के विकास व घाटों के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता के साथ हरिद्वार व ऋषिकेश के घाटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण व आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। कहा, शारदा व गंगा कॉरिडोर का उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना व श्रद्धालुओं को सुविधा देना है।

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