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September 11, 2026

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी का निधन, मैक्स अस्पताल में ली आखिरी सांस

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन. 91 साल की उम्र में उन्होंने देहरादून के मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली.

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो गया है. वे काफी समय से अस्वस्थ होने के कारण देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे. उनकी बेटी उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने पिता के निधन की पुष्टि की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री ने निधन पर शोक व्यक्त किया है.

देहरादून स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में उनका पिछले तकरीबन एक माह से इलाज चल रहा था. 91 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. वे भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से रिटायर्ड हुए थे और उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा की. वे उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री बने. इससे पहले वे केंद्रीय मंत्री भी रहे चुके थे. भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद उनका 30 साल का राजनीतिक करियर रहा है. उनके निधन पर प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है.

उनके पुत्र भाजपा नेता मनीष खंडूड़ी ने भी पिता के निधन की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की है. उन्होंने लिखा,

‘बहुत दुख के साथ सूचित कर रहा हूं कि अभी अभी मेरे पिताजी नहीं रहे. वह मेरे सब कुछ थे, मेरे पिता, मेरे भगवान’.

वहीं, उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा,

‘उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. श्री खंडूरी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया. सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा.

राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई. एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया. उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है.

ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें’.

वहीं, उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को देहरादून के बसंत विहार उनके निवास स्थान पर लाए जाने की तैयारी है.

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