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September 12, 2026

IAS प्रशिक्षुओं संग साइकिल पर निकले केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, मसूरी की सड़कों से दिया फिट इंडिया का संदेश

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने मसूरी में प्रशिक्षु आईएएस के साथ साइकिल रैली में भाग लिया.

मसूरी: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सोमवार सुबह मसूरी स्थित आईएएस अकादमी से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों (बैच-2024) के साथ साइकिल रैली निकालकर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया. अकादमी परिसर से शुरू हुई यह साइकिल यात्रा अकादमी रोड, हालोक मार्ग और कंपनी गार्डन होते हुए वापस अकादमी रोड पहुंची.

पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने केंद्रीय मंत्री व प्रशिक्षु अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया. डॉ. मंडाविया स्वयं साइकिल चलाते हुए प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ पूरे मार्ग पर रहे. उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही प्रभावी नेतृत्व और बेहतर कार्यक्षमता की सबसे बड़ी ताकत है. यदि देश का हर नागरिक अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, साइकिलिंग या पैदल चलने जैसी गतिविधियों को शामिल करे तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और स्वस्थ भारत का सपना साकार होगा. उन्होंने कहा कि सिविल सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में देश के विभिन्न हिस्सों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे. ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद आवश्यक है. फिट अधिकारी ही बेहतर निर्णय क्षमता, ऊर्जा और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा कर सकते हैं.

उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि मोबाइल और स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के बजाय प्रतिदिन कुछ समय खेल, योग, दौड़ या साइकिलिंग जैसी गतिविधियों को दें. साइकिल यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है बल्कि प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने लोगों से छोटी दूरी के लिए अधिक से अधिक साइकिल का उपयोग करने की अपील की.

गौर हो कि मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी देश की सर्वोच्च सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्था मानी जाती है. इसकी स्थापना वर्ष 1959 में राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के रूप में हुई थी. बाद में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में इसका नाम बदलकर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी रखा गया. ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक चार्लेविल एस्टेट में स्थित यह अकादमी केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला मानी जाती है. हर वर्ष संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित आईएएस अधिकारियों सहित विभिन्न अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी यहां प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं. देश के अधिकांश सफल प्रशासकों ने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत इसी परिसर से की है.

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