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July 28, 2026

ऋषिकेश में ‘कोई तो बचा लो’ चिल्लाते रह गए परिजन, आंखों के सामने गंगा में डूब गया बच्चा

ऋषिकेश में दर्दनाक हादसा, गंगा स्नान के दौरान 12 साल का बच्चा तेज बहाव में बहा, रात तक चला सर्च ऑपरेशन

ऋषिकेश: तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां 12 साल का बच्चा गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया. परिजनों की आंखों के सामने बच्चा गंगा की लहरों में ओझल हो गया. जिसे देख परिजन ‘कोई तो बचा लो’ चीखते-चीखते बेसुध हो गए. जबकि, घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया.

एसडीआरएफ चार्ज कविंद्र सजवाण के मुताबिक, ऋषिकेश के शिवाजी नगर निवासी चंदन पुत्र दयाराम (उम्र 12 वर्ष) अपने परिजनों के साथ गंगा स्नान के लिए स्टेडिया गली नंबर 4 स्थित आस्था पथ के ओम घाट पहुंचा था. परिवार के सभी सदस्य गंगा में स्नान कर रहे थे. इसी दौरान अचानक चंदन का पैर फिसल गया और वो गंगा के तेज बहाव में बहने लगा. इससे पहले कि कोई उसे बचा पाता, वो कुछ ही क्षणों में गंगा की लहरों में आंखों से ओझल हो गया.

घटना के बाद परिजनों ने जोर-जोर से शोर मचाया, जिसके बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए. लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी. सूचना मिलते ही एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. जबकि, एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण अपनी टीम और गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कराया.

एसडीआरएफ के प्रशिक्षित गोताखोरों ने गंगा में कई स्थानों पर चंदन की तलाश की. तेज बहाव और गंगा की गहराई के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार संभावित स्थानों पर खोजबीन में जुटी रही, लेकिन देर शाम तक भी चंदन का कोई पता नहीं चल सका.

घटना के बाद से चंदन के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घाट पर मौजूद लोगों ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया. पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. पुलिस ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस की अपील: प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें. विशेषकर बच्चों को अकेले या गहरे पानी की ओर न जाने दें. बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर और बहाव सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है, इसलिए निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें.

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